मैं बिगड़ी हुई चीज हूँ
सुधार ले,
गर साथ रखना है/
मैं आकृति विहीन हूँ
ढाल ले,
गर हाथ चीकना है/
मैं कच्ची शराब हूँ
पका ले,
नहीं तो तेरा मरना है/
मैं निंदियाती रात हूँ
उठा ले
गर साथ जगना है/
मैं उच्श्रृंखल प्यास हूँ
बुझा ले
गर तृप्त होना है/
मैं अनंत आकाश हूँ
समा ले
गर तुझमें सपना है/
सुधार ले,
गर साथ रखना है/
मैं आकृति विहीन हूँ
ढाल ले,
गर हाथ चीकना है/
मैं कच्ची शराब हूँ
पका ले,
नहीं तो तेरा मरना है/
मैं निंदियाती रात हूँ
उठा ले
गर साथ जगना है/
मैं उच्श्रृंखल प्यास हूँ
बुझा ले
गर तृप्त होना है/
मैं अनंत आकाश हूँ
समा ले
गर तुझमें सपना है/
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